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कà¥à¤¯à¤¾ आपका बचà¥à¤šà¤¾ अà¤à¥€ बहà¥à¤¤ छोटा है? तो यकीनन, उसके डायपर आपको दिन में कई बार बदलने पड़ते होंगे। दिनà¤à¤° में बार-बार डायपर बदलना शिशॠके सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होने का संकेत होता है। वहीं, अगर आपको लगे कि पिछले कà¥à¤› समय से उसका डायपर कम बदलना पड़ रहा है, तो हो सकता है कि शिशॠकबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहा हो। अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो इस लेख में आपको कई जरूरी जानकारियां मिलेंगी। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में आपको बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को होने वाली कबà¥à¤œ के कारण व उपचार के साथ-साथ अनà¥à¤¯ कई जरूरी बातें à¤à¥€ बताà¤à¤‚गे। सबसे पहले जानेंगे कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाली कबà¥à¤œ आखिर कà¥à¤¯à¤¾ है और आप कैसे पता करेंगी कि उसे कबà¥à¤œ हो गई है।
कबà¥à¤œ कà¥à¤¯à¤¾ है और मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि मेरे बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ है?
जब मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने में कठिनाई या फिर करीब दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने में देरी होती है, तो इस समसà¥à¤¯à¤¾ को कबà¥à¤œ कहा जाता है। वयसà¥à¤•ों और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को होने वाली कबà¥à¤œ के लकà¥à¤·à¤£ अलग-अलग हो सकते हैं। नीचे हम उन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखकर आप पता लगा सकती हैं कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरहा है (1) :
कई दिनों तक शिशॠका मल न तà¥à¤¯à¤¾à¤—ना।
शिशॠमल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने के लिठजोर लगाà¤, जिस कारण कà¤à¥€-कà¤à¥€ उसका चेहरा लाल हो सकता है।
जब शिशॠमल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ते समय चिड़चिड़ा हो जाता है। यह इस बात का संकेत है कि उसे मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने में दरà¥à¤¦ होता है।
सूखा और कठोर मल निकलना।
शिशॠका पेट फूला हà¥à¤† और कड़ा महसूस होगा।
शिशà¥à¤“ं में सामानà¥à¤¯ मल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ है?
नीचे हम à¤à¤• तालिका दे रहे हैं, जो शिशà¥à¤“ं में मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने की सामानà¥à¤¯ संखà¥à¤¯à¤¾ के बारे में बताती है (2) :
उमà¥à¤° मल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ मल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दैनिक
0-3 महीने (सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाला शिशà¥) 5 से 40 2.9
3-6 महीने (फॉरà¥à¤®à¥‚ला फीड) 5-28 2.0
6-12 महीने 5-28 1.8
1-3 साल 4-2 1.0
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ का कारण |
अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो इसके कारणों का पता लगाना जरूरी है। नीचे हम बताने जा रहे हैं कि आखिर किन कारणों से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (3)।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• : शिशà¥à¤“ं को कबà¥à¤œ होने का à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह दूध पचाना उसके लिठआसान नहीं होता, जिससे उसे कबà¥à¤œ हो जाती है। इसके अलावा, जब आप बचà¥à¤šà¥‡ के लिठफॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध का बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड बदलती हैं, तब à¤à¥€ उसे कबà¥à¤œ की शिकायत हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में आप चिकितà¥à¤¸à¤• से बात कर बचà¥à¤šà¥‡ के फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध के बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड को बदल सकती हैं।
ठोस आहार की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ : जब शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के अलावा ठोस आहार की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ कराई जाती है, तो शिशà¥à¤“ं को अकà¥à¤¸à¤° कबà¥à¤œ हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में जब आप शिशॠको ठोस आहार खिलाना शà¥à¤°à¥‚ करती हैं, तो उसके साथ-साथ तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ तरह कराना चाहिà¤à¥¤ वहीं, ठोस आहार में फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ बचà¥à¤šà¥‡ को दें। फाइबर की कमी से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ हो सकती है। यदि किसी विशेष चीज का सेवन करने से बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो रही है तो कम से कम à¤à¤• महीने के लिठउसका सेवन बंद कर दें।
पानी की कमी : जब बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में पानी की कमी होती है, तो à¤à¥€ उसे कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। अगर बचà¥à¤šà¥‡ के दांत निकल रहे हैं, गले में परेशानी है, सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम या कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, तो हो सकता है कि शिशॠठीक से दूध न पिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥‡ में तरल की मातà¥à¤°à¤¾ कम होने से शिशॠको कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
किसी तरह की बीमारी या कोई सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ : किसी तरह के à¤à¥‹à¤œà¤¨ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€, à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ या मेटाबॉलिजà¥à¤® डिसऑरà¥à¤¡à¤° के कारण à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसके अलावा, अगर बड़ी आंत ठीक से काम न करे, तो à¤à¥€ कबà¥à¤œ हो सकती है। वहीं, सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा और सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का विकार, जो फेफड़ों व पाचन तंतà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है) जैसी बीमारी à¤à¥€ कबà¥à¤œ का कारण बन सकती हैं।
à¤à¤‚टीबायोटिक: कई बार à¤à¤‚टीबायोटिक लेने के बाद à¤à¥€ कबà¥à¤œ की शिकायत हो सकती है।
टॉयलेट टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग: बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को टॉयलेट सीट पर बैठने की टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग दे रहे हैं, तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में जब बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤Ÿà¥‚ल पास करने की कोशिश करता है तो कई बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ की शिकायत हो सकती है।
शिशà¥à¤“ं में कबà¥à¤œ का निदान कैसे किया जाता है?
अगर बचà¥à¤šà¥‡ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ लकà¥à¤·à¤£ जानने के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ में कबà¥à¤œ की जांच नीचे बताठगठतरीकों से कर सकते हैं (4)।
पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और कबà¥à¤œ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में ये सवाल पूछ सकते हैं :
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बचà¥à¤šà¥‡ की उमà¥à¤° पूछेंगे और साथ ही पूछेंगे कि दिन में कितनी बार शिशॠमल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ता है।
कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ते समय दरà¥à¤¦ होता है?
बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खाने के लिठदिया जाता है?
कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¤¾ चिड़चिड़ा रहता है?
इसके अलावा, डॉकà¥à¤Ÿà¤° नीचे बताठगठटेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ कर सकते हैं।
डिजिटल रेकà¥à¤Ÿà¤® à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ : इसमें डॉकà¥à¤Ÿà¤° हाथों में लà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤°à¤¿à¤•ेंट लगे गà¥à¤²à¤µà¥à¤œ पहनकर उनके मलदà¥à¤µà¤¾à¤° में उंगली के माधà¥à¤¯à¤® से जांच करते हैं।
पेट का à¤à¤•à¥à¤¸-रे : इस टेसà¥à¤Ÿ से यह देखा जाता है कि बड़ी आंत में कितना मल है।
बेरियम à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¾ : इसमें मलाशय, बड़ी आंत और छोटी आंत का à¤à¤•à¥à¤¸-रे किया जाता है। इस दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को बेरियम नामक दà¥à¤°à¤µ दिया जाà¤à¤—ा। बेरियम ऑरà¥à¤—न को कोट करता है, ताकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•à¥à¤¸-रे पर देखा जा सके।
à¤à¤¨à¥‹à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤² मेनोमेटà¥à¤°à¥€ : इसमें गà¥à¤¦à¤¾ में मांसपेशियों और नरà¥à¤µ रिफलेकà¥à¤¸ की मजबूती की जांच की जाती है। इसमें यह à¤à¥€ जांचा जाता है कि बचà¥à¤šà¤¾ इस बात को समà¤à¤¤à¤¾ है या नहीं कि उसे अब मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने की जरूरत है। इसके अलावा, यह जांचा जाता है कि मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ने के दौरान मांसपेशियां कितनी अचà¥à¤›à¥€ तरह काम करती हैं।
रेकà¥à¤Ÿà¤² बायोपà¥à¤¸à¥€ : इस परीकà¥à¤·à¤£ में मलाशय की कोशिकाओं का नमूना लिया जाता है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किसी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप से जांचा जाता है।
कोलोरेकà¥à¤Ÿà¤² टà¥à¤°à¤¾à¤‚जिट सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ : इस टेसà¥à¤Ÿ में यह पता लगाया जाता है कि बचà¥à¤šà¥‡ के पेट में à¤à¥‹à¤œà¤¨ किस तरह से आगे बढ़ता है।
आइà¤, अब जानते हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ को पॉटी न आठतो कà¥à¤¯à¤¾ करें।
मैं अपने बचà¥à¤šà¥‡ की कबà¥à¤œ का इलाज कैसे कर सकती हूं?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को होने वाली कबà¥à¤œ का इलाज जीवनशैली में बदलाव और बेहतर डाइट के जरिठकिया जा सकता है। जब तक जरूरत जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न हो, इसके लिठदवाà¤à¤‚ नहीं दी जाती। नीचे जानिठकिस तरह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ का इलाज किया जा सकता है :
आहार में बदलाव: अगर बचà¥à¤šà¤¾ छह महीने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° का है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠके आहार में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पानी के साथ फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ देने की सलाह देंगे। इसके लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बचà¥à¤šà¥‡ के लिठआहार चारà¥à¤Ÿ बनवा सकते हैं।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कराà¤à¤‚ : अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ ने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चलना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है, तो इससे पेट अचà¥à¤›à¤¾ रहने में मदद मिलती है। वहीं, अगर वह घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चलना नहीं सीखा है, तो आप उसे पीठके बल लेटाकर अपने हाथों से उसके पैरों को पकड़ कर साइकिल चलाने जैसा धीरे-धीरे घà¥à¤®à¤¾ सकती हैं।
मालिश : शिशॠके पेट पर हलà¥à¤•ी-हलà¥à¤•ी मालिश करने से à¤à¥€ फायदा मिलता है।
गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¥€à¤¨ सपोसिटरी का उपयोग : गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¥€à¤¨ सपोसिटरी (Glycerin Suppositories) à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का कैपà¥à¤¸à¥‚ल होता है, जिसे गà¥à¤¦à¤¾ मारà¥à¤— से मलाशय में डाला जाता है। यह कैपà¥à¤¸à¥‚ल मल मारà¥à¤— को पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करने के लिठघà¥à¤² जाता है। जब बचà¥à¤šà¥‡ की कबà¥à¤œ ठीक करने का कोई रासà¥à¤¤à¤¾ नहीं रहता, तब इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को अपनाया जाता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से ही करवाà¤à¤‚ (2)।
नोट : बाल रोग विशेषजà¥à¤ž बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ से राहत दिलाने के लिठकोई à¤à¥€ ओवर-द-काउंटर दवा या टॉनिक देने से मना करते हैं। इसके लिठघरेलू उपचार अपनाकर ही बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ से राहत मिल सकती है।
शिशà¥à¤“ं में कबà¥à¤œ को कैसे रोकें?
आप कà¥à¤› खास बातें समà¤à¤¤à¥‡ हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ को होने वाली कबà¥à¤œ से बचा सकते हैं। नीचे हम इसी बारे में बता रहे हैं :
अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाना शà¥à¤°à¥‚ कर चà¥à¤•ा है, तो उसे à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ दें। साथ ही तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में दें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ से राहत दिलाने का सबसे बेहतर उपाय फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ है। इसमें फल मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से बेहतर उपाय माने जाते हैं। अगर बचà¥à¤šà¤¾ फल नहीं खा सकता, तो आप उसे फलों की सà¥à¤®à¥‚दी बनाकर खिला सकती हैं।
अगर आपको लगता है कि बचà¥à¤šà¤¾ सामानà¥à¤¯ के मà¥à¤•ाबले सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कम करता है, तो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आवृतà¥à¤¤à¤¿ बढ़ाà¤à¤‚। कम सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने से à¤à¥€ शिशॠको कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
जैसे-जैसे आपका बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा होता है, उसे हलà¥à¤•ी-हलà¥à¤•ी à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कराà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ टॉयलेट सिटिंग टाइम के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ कब चिंता का कारण बनती है?
यूं तो कà¥à¤› सतरà¥à¤•ता और घरेलू तरीकों से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर की जा सकती है, लेकिन अगर आपको बचà¥à¤šà¥‡ में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£ नजर आने पर आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
जब बचà¥à¤šà¤¾ मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ते समय चिड़चिड़ा हो जाठऔर रोने लगे।
अगर आप देखें कि बचà¥à¤šà¤¾ जोर तो बहà¥à¤¤ लगा रहा है, लेकिन मल नहीं तà¥à¤¯à¤¾à¤— पा रहा है। यह चिंता का विषय हो सकता है।
अगर आप पाà¤à¤‚ कि बचà¥à¤šà¥‡ के मल में रकà¥à¤¤ आ रहा है, तो यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
शिशà¥à¤“ं में कबà¥à¤œ के लिठघरेलू उपचार |
à¤à¤¸à¥‡ कई घरेलू उपचार हैं, जिनकी मदद से आप बचà¥à¤šà¥‡ में कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर कर सकते हैं। नीचे हम कबà¥à¤œ के घरेलू उपचार के बारे में बता रहे हैं :
ऑरà¥à¤—ेनिक कोकोनट ऑयल : अगर बचà¥à¤šà¤¾ कबà¥à¤œ से परेशान है, तो नारियल का तेल फायदा कर सकता है। अगर बचà¥à¤šà¤¾ छह महीने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ का है, तो आप उसके खाने में दो से तीन ml नारियल का तेल मिला सकते हैं।
टमाटर : छह महीने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिलाने में टमाटर काफी मदद करता है। इसके लिठआप à¤à¤• कप पानी में à¤à¤• छोटा टमाटर उबालें। मिशà¥à¤°à¤£ को ठंडा करके छान लें। कबà¥à¤œ से बचने के लिठरोजाना इस रस के तीन से चार चमà¥à¤®à¤š बचà¥à¤šà¥‡ को दें।
सौंफ : पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के इलाज के लिठसौंफ बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ है। बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ से राहत दिलाने के लिठआप à¤à¤• कप पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š सौंफ उबालें। फिर इस पानी को ठंडा करके छान लें। इसे अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दिन में तीन से चार बार दें।
पपीता : पपीता फाइबर का à¤à¤• बेहतरीन सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। छह महीने से अधिक उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं के लिठपपीता कबà¥à¤œ से लड़ने का à¤à¤• बेहतरीन उपाय है। आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को पपीता पीसकर थोड़ा-थोड़ा खिला सकती हैं।
गरà¥à¤® पानी से नहलाà¤à¤‚ : गरà¥à¤® पानी का सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ मांसपेशियों को लचीला करने में मदद करता है। कबà¥à¤œ होने पर à¤à¥€ गरà¥à¤® पानी से नहाना फायदा पहà¥à¤‚चा सकता है। इसके लिठअपने बचà¥à¤šà¥‡ के बाथटब को गरà¥à¤® पानी से à¤à¤°à¥‡à¤‚ और कà¥à¤› चमà¥à¤®à¤š बेकिंग सोडा डालें। इस पानी से बचà¥à¤šà¥‡ को नहलाà¤à¤‚। यह मलाशय की मांसपेशियों को खोलने में मदद करेगा। यदि बेकिंग सोडे का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से बचà¥à¤šà¥‡ में किसी तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो, तो इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² तà¥à¤°à¤‚त बंद कर दें।
कबà¥à¤œ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिà¤?
अगर बचà¥à¤šà¤¾ छह महीने से कम उमà¥à¤° का है, तो उसे कबà¥à¤œ से बचाने के लिठमां का दूध सबसे बेहतर है। वहीं, अगर बचà¥à¤šà¤¾ छह माह से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ का है, तो उसे फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ देना जरूरी है। नीचे हम à¤à¤• तालिका दे रहे हैं, जिसमें बताया गया है कि कबà¥à¤œ के दौरान बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤¯à¤¾ खिलाना चाहिठ(5) :
à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने की चीजें
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
रूट सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे – गाजर व चà¥à¤•ंदर
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤•ा सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ – फूलगोà¤à¥€, गोà¤à¥€, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली
फलियां – बीनà¥à¤¸ व दालें
हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ – पालक
आलू और बटरनट सà¥à¤•à¥à¤µà¥ˆà¤¶
फल
बेरीज – सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€, बà¥à¤²à¥ˆà¤•बेरी
सेब, आम, पपीता
संतरा, नाशपाती और à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो
सूखे फल
खजूर, किशमिश, अंजीर
अनाज
ओटà¥à¤¸, सà¥à¤Ÿà¥€à¤² कट ओटà¥à¤¸ आदि
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ के लिठकà¥à¤¯à¤¾ देना चाहिà¤?
à¤à¤• महीने से छोटे बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ होना इस बात का संकेत देता है कि उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• नहीं मिल रहा है। à¤à¤¸à¥‡ में आपको उसे और अधिक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की जरूरत होगी।
कà¥à¤¯à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ दूर करने के लिठघà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ (गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर) दे सकती हूं?
नहीं, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर नहीं देना चाहिà¤à¥¤ यह अनà¥à¤¯ कई परेशानियों का कारण बन सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ मैं अपने बचà¥à¤šà¥‡ की कबà¥à¤œ को कम करने के लिठनारियल और अरंडी का तेल का उपयोग कर सकती हूं?
नहीं, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कबà¥à¤œ होने पर अरंडी का तेल फायदा पहà¥à¤‚चाता है, इस बारे में कोई तथà¥à¤¯ मौजूद नहीं है। यह तेल लैकà¥à¤¸à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ (पेट साफ करने की दवा) के रूप में काम करता है, जो आंत और शौच के तेजी से संकà¥à¤šà¤¨ का कारण बनता हैं। इसलिà¤, यह बचà¥à¤šà¥‡ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ नहीं है (6)।
हम उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं कि इस लेख को पढ़ने के बाद आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को होने वाली कबà¥à¤œ से राहत दिलाने के लिठसही उपाय अपना पाà¤à¤‚गी। इस लेख में मौजूद जानकारी आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ से राहत दिलाà¤à¤—ी और उसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठरखने में मदद करेगी। इसलिà¤, इस लेख से आप à¤à¥€ सही जानकारियां लें और उन सà¤à¥€ परिचित मांओं के साथ शेयर करें, जिनके बचà¥à¤šà¥‡ को कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ रहती है।
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